आज़म खान से रिश्तों पर एसटी हसन का सियासी बयान: ‘मुलाक़ात की इच्छा नहीं’ से गरमाई राजनीति
मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और फाउंडर मेंबर आजम खान की रिहाई की खबर के बाद पूर्व सांसद एसटी हसन खुद समझ नहीं पा रहे आखिर उन्हें कहना क्या है। आजम खान के जेल से आने की उन्हें बेहद खुशी है लेकिन यदि आजम खान बसपा में गए तो सपा को कोई नुकसान होने वाला नहीं क्योंकि मुस्लिम वोट उसका कोर वोट बैंक है वो सपा से हटकर और कहीं जाने वाला नहीं।
डॉ एसटी हसन पूर्व सपा सांसद मुरादाबाद से जब पूछा गया कि क्या वह आजम खान से मिलने जाएंगे, तो उन्होंने कहा – वक़्त बताएगा। सच तो यह है कि पूरा मीडिया मुझे एक हफ्ता तक चलाता रहा और सबको मालूम है कि जो हालात मेरे ऊपर गुज़रे हैं, उसकी वजह वो (आज़म ख़ान) खुद ही हैं। मेरा दिल नहीं चाहता कि मैं उनके पास जाऊं। हां, अगर उनका हुक्म हुआ तो मैं जाऊंगा। जब उनसे पूछा गया कि चर्चा है आज़म ख़ान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का दामन थाम सकते हैं, तो एसटी हसन ने इसे सिरे से खारिज कर ये हुए कहा कि आज़म ख़ान पैदाइशी समाजवादी हैं। उन्होंने इस पार्टी के लिए मेहनत की है इलाज जड़ों में उनकी मेहनत है।
आजम बसपा में गए तो क्या समाजवादी पार्टी को नुकसान होगा? इस सवाल पर सपा सांसद एसटी हसन ने मान लिया कि थोड़ा बहुत नुकसान ज़रूर होगा, लेकिन कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। समाजवादी पार्टी से वैसे ही लोग जुड़े हुए हैं जैसे पहले थे। मुसलमान किसी एक नेता की वजह से जुड़े नहीं हैं।

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