कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा नए विवाद में फंसे, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस
नई दिल्ली। मतदाता सूची पर सवाल खड़े करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता पवन खेड़ा एक नए विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाया है, यानी उनके पास दो वोटर आईडी नंबर हैं। इस मामले को लेकर अब चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
दिल्ली के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि पवन खेड़ा को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकरण करने के मामले में अपना पक्ष रखना होगा। इसके लिए उन्हें 8 सितंबर सुबह 11 बजे तक का समय दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से खेड़ा को भेजे गए नोटिस में कहा गया मेरे संज्ञान में लाया गया है कि आपने एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। यह कार्य जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा के तहत दंडनीय अपराध है। अतः आपको कारण बताना होगा कि आपके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न की जाए।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर पवन खेड़ा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा ने दो विधानसभा क्षेत्रों में वोटर आईडी बनवा रखी है एक जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र (पूर्वी दिल्ली) में और दूसरा नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र (नई दिल्ली लोकसभा) में। मालवीय ने दावा किया कि यह न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि इससे वोट की चोरी और दोहरे मतदान की आशंका भी पैदा होती है। उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कांग्रेस बड़ी वोट चोर है। खेड़ा के पास दो सक्रिय ईपीआईसी नंबर कैसे हैं? क्या उन्होंने दो बार वोट डाला? इसकी जांच होनी चाहिए।
आवेदन के बाद भी आयोग ने नाम नहीं हटाया: पवन खेड़ा
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि यह सब उन्हें भी अमित मालवीय की पोस्ट से ही पता चला। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 2016-17 में ही एक मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए आवेदन किया था लेकिन चुनाव आयोग ने वह नाम अभी तक नहीं हटाया। खेड़ा ने कहा मैंने वर्षों पहले पुराने वोट को हटाने के लिए कहा था। अब यदि वह अभी तक नहीं हटा तो इसमें मेरी गलती नहीं बल्कि चुनाव आयोग की लापरवाही है। खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा, चुनाव आयोग को बदनाम कर रही है। मालवीय ने जिस तरह से सुबह-सुबह यह स्टंट किया, उससे उन्होंने खुद ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया।

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