छत्तीसगढ़ में 'मिशन कर्मयोगी' की शुरुआत: क्षमता विकास आयोग और राज्य सरकार के बीच अहम समझौता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में सोमवार को नवा रायपुर में भारत सरकार की क्षमता विकास आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ। सीएम ने कहा, मिशन कर्मयोगी पीएम मोदी के स्वप्नों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी मिशन है। इस मिशन के माध्यम से देश के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में कर्मयोगी की भावना विकसित होगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे।
सीएम ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में चार लाख शासकीय सेवकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अब तक 50 हजार अधिकारी-कर्मचारी को प्रशिक्षण दिया गया। महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुय सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सुब्रत साहू तथा क्षमता विकास आयोग की ओर से सदस्य सचिव वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए। आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, मुय सचिवअमिताभ जैन, सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी योजना के मुय कार्यकारी अधिकारी राकेश वर्मा उपस्थित थे। प्रशासन अकादमी के संचालक टीसी महावर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सुशासन को नई ऊंचाई प्रदान करेगा एमओयू
मुयमंत्री ने कहा, बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास आज की अनिवार्यता बन गया है। इस नए युग के साथ निरंतर कौशल उन्नयन तथा शासन-प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस सुशासन की स्थापना के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है, उसे नई ऊंचाई प्रदान करने में यह एमओयू एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाएगा।

भक्तों को चावल के दानों में दर्शन देते हैं भगवान श्रीनाथजी
राशिफल 07 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जनजातीय खिलाड़ियों के लिए शानदार मंच साबित हुआ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स
सुशासन तिहार 2026: अंजनी साहू के लिए बना राहत और खुशी का जरिया
रेलवे–पुलिस–प्रशासन के समन्वय से सुनियोजित भीड़ प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के साथ होगा सिंहस्थ 2028 का सफल आयोजन - डीजीपी मकवाणा
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की गहन समीक्षा की