भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे यून सुक येओल, गिरफ्तारी के लिए हरी झंडी
सियोल। सियोल की एक अदालत ने दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की गिरफ्तारी को मंज़ूरी दे दी है। उन पर दिसंबर में मार्शल लॉ लागू करने से जुड़े आरोप हैं। अदालत ने विशेष अभियोजक के दावे को स्वीकार कर किया कि यून द्वारा सबूत नष्ट करने का खतरा है।
गौरतलब है कि अप्रैल में संवैधानिक अदालत ने यून पर चलाए गए महाभियोग को बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था। अब चार महीने बाद, वह सियोल के पास एक हिरासत केंद्र में लौट रहे हैं। इससे पहले, जनवरी में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी रद्द कर दी थी, जिसके बाद मार्च में उन्हें इस केंद्र से रिहा कर दिया गया था। इससे उन्हें हिरासत में लिए बिना विद्रोह के मुकदमे का सामना करने की अनुमति मिल गई थी। यून का आपराधिक मामला अब एक विशेष अभियोजक द्वारा देखा जा रहा है। ये अभियोजक उनके निरंकुश रवैये से संबंधित अतिरिक्त आरोपों की जांच कर रहे हैं, जिनमें सत्ता का दुरुपयोग, सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी, और सरकारी कर्तव्यों में बाधा डालना शामिल है।

डॉक्टर की सलाह: अस्थमा फैमिली हिस्ट्री में हो तो बच्चों का रखें खास ख्याल
एम. के. स्टालिन के खिलाफ मनोज तिवारी का तीखा बयान
सलमान खान के करीबी का निधन, सोशल मीडिया पर लिखी दिल छू लेने वाली बात
इसरो का बड़ा कारनामा, ‘ऑप्टोसार’ सैटेलाइट लॉन्च
आसनसोल में TMC ऑफिस में तोड़फोड़, बम मिलने से हड़कंप
पांच राज्यों के रिजल्ट से पहले शेयर बाजार में रौनक, निफ्टी 24240 पार
20 हजार दुग्ध उत्पादकों के साथ बड़ा सम्मेलन, CM करेंगे उद्घाटन
प. एशिया तनाव बेअसर, भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI अप्रैल में 54.7
IPL फ्रेंचाइजी का सौदा विवादों में, क्या अटक जाएगा डील?
भारत-जमैका संबंध मजबूत, जयशंकर ने पीएम होलनेस से की मुलाकात