आनंद विहार के नए फ्लाईओवर पर खत्म होगी ये अड़चन
नई दिल्ली। सड़क परिवहन क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं के बीच बाधा बन रहे पेड़ों को लेकर बड़ी राहत मिलने जा रही है। नंद नगरी-गगन सिनेमा फ्लाईओवर के बीच आ रहे पेड़ हटाने की अनुमति के बाद रोड नंबर 56 पर अप्सरा बॉर्डर से आनंद विहार के बीच बने फ्लाईओवर के ऊपर आ रहे पेड़ हटाने की भी मंजूरी मिल गई है।
इसके बाद बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच आ रहे पेड़ों को भी जल्द हटाए जाने की उम्मीद जग गई है। हटाए जाने वाले पेड़ों की एवज में लगाए जाने वाले पेड़ों के स्थान के बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। मगर बताया जा रहा है कि पेड़ों को यमुना पुश्ता व गढ़ी मेढू में लगाया जा सकता है।
बता दें कि दिल्ली सरकार ने वृक्ष प्रत्यारोपण नीति 2020 में विकास कार्यों के दौरान 80 प्रतिशत पेड़ों का प्रत्यारोपण अनिवार्य किया है। विकास परियोजना के लिए पेड़ों के नुकसान की एवज में एक वृक्ष की जगह 10 पौधे लगाने का भी प्रविधान है। पेड़ों के कारण बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और नंद नगरी गगन सिनेमा परियोजना में दो-दो साल की देरी हो चुकी है। वृक्ष प्रत्यारोपण नीति 2020 के तहत पीडब्ल्यूडी पेड़ प्रत्यारोपित करने के लिए तैयार है। मगर ये मामले अदालत में पहुंच चुके हैं। इनकी अदालत द्वारा बनाई गई समिति निगरानी कर रही हैं।
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा कहते हैं कि इन मामलों की समीक्षा कराई गई है, उनकी सरकार नए सिरे से अदालत द्वारा बनाई गई समिति के सामने पक्ष रख रही है। यहां बता इें कि अप्सरा बॉर्डर-आनंद विहार कॉरिडोर के बीच आ रहे तीन हरे पेड़ हटाने की सरकार को मंजूरी मिल गई है। इनमें एक पेड़ सड़क के बीचोबीच आ रहा है, जो अधिक खतरनाक है और इसे लेकर अधिक समस्या है।
फ्लाईओवर का रखरखाव कर रहे पीडब्ल्यूडी को वन एवं पर्यावरण विभाग के उस आदेश का इंतजार है, जिसके तहत इसे प्रत्यारोपित किया जाना है। सूत्रों की मानें तो यहां बाधा बन रहे तीनों पेड़ों को यमुना खादर में प्रत्यारोपित किया जा सकता है। इसके अलावा विभाग वन विभाग के निर्देश के अनुसार, एक पेड़ के बदले 10 पेड़ भी लगाने के लिए तैयार है।
एलजी वीके सक्सेना ने इससे पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली में नंद नगरी-गगन सिनेमा जंक्शन पर लंबे समय से प्रतीक्षित फ्लाईओवर परियोजना के लिए अंतिम बाधा को दूर करते हुए गत 4 जून को 27 पेड़ों के प्रत्यारोपण और कटाई को मंजूरी दे दी है। इन पेड़ों को भी वन विभाग के निर्देश के अनुसार पीडब्ल्यूडी प्रत्यारोपित करने के लिए तैयार है। विभाग को वन विभाग के आदेश जारी होने का इंतजार है।

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