निर्माणाधीन कुएं में मलबे ने ली जान, रतलाम में बारिश के कारण 2 मजदूर दबे
रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में बड़ा हादसा हो गया. एक निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से उसमें 2 मजदूर दब गए. 40 फीट गहरे इस कुएं में काम चल रहा था. मजदूर सीमेंट कॉनक्रीट की चारों तरफ दीवार खड़ी कर रहे थे. इसी दौरान बारिश के बाद अचानक मिट्टी धंसक गई. मलबे में दो मजदूर दब गए. वहां, मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस-प्रशासन को सूचना दी. जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरु कर दिया है.
कच्चे कुएं को पक्का करने का हो रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, घटना जावरा क्षेत्र के जूना गड़गड़ियां गांव की है. पूर्व सरपंच के कच्चे कुएं को पक्का करने का काम चल रहा था. लगभग 5 मजदूर सीमेंट-कॉन्क्रीट की दीवार बनाने के काम में लगे थे. मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे अचानक कुएं की मिट्टी धसक गई. तीन मजदूर तो बाहर निकल आए, लेकिन 2 मजदूर मलबे में दब गए. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया. तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई.
मिट्टी धंसने से 2 मजदूरों की मौत
जावरा जनपद के सीईओ जेपी नलवाया ने बताया, ''रतलाम में सुबह से बारिश हो रही थी, जिसके चलते मिट्टी गीली हो गई थी. जब मजदूर काम कर रहे थे तभी अचानक मिट्टी धंस गई. जिससे दो मजदूर मलबे में दब गए. सूचना पर प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू शुरु करवाया. पोकलेन मशीन से मिट्टी हटाने का काम लगातार जारी है, लेकिन मिट्टी गीली होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है. दोनों मजदूरों की पहचान केलुखेड़ा गांव, आलोट ब्लॉक के निवासी के रूप में हुई है.'' गौरतलबत है कि लगभग 6 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात 2 बजे दोनों मजदूरों के शव को बाहर निकाल लिया गया है.
एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने बताया, '' घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचे थे. एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई थी. आकस्मिक चिकित्सा के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस भी भी मौके पर तैनात किए गए थे. लेकिन कुएं में दबे मजदूर विक्रम सिंह और अमर सिंह को बचाया नहीं जा सका. रात 2:00 बजे दोनों मजदूरों के शव कुएं से बाहर निकाले गए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए जावरा चिकित्सालय भेजा गया है. इस हादसे में जान गंवाने वाले विक्रम सिंह और अमर सिंह आलोट तहसील के केलूखेड़ी गांव के रहने वाले हैं.''

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