क्या कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन गए शशि थरूर, खुद ले रहे कांग्रेस के मजे
नई दिल्ली। सांसद शशि थरूर हैं, वैसे कांग्रेस में ही, लेकिन बाकी नेताओं से बहुत दूर हो चुके है। कुछ कांग्रेस नेता हैं, थरूर जिनकी आंखों की किरकिरी बने हुए है। हो सकता है, राहुल गांधी के साथ ऐसा न हो, लेकिन उन्हें भी अपने नजदीकी सलाहकारों की बात सुननी होगी। अभी तक थरूर ने खुद नहीं कहा कि वे कांग्रेस छोड़ सकते हैं। लेकिन, परेशान होकर एक मलयालम इंटरव्यू में ये जरूर बोल दिया था कि उनके पास काम की कमी नहीं है। हालांकि, इसतरह के कामों की सूची में वे राजनीति की जगह अपनी किताबों और लेक्चर देने के निमंत्रण का ही जिक्र किया था। कांग्रेस सांसद थरूर को लेकर ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ विदेश दौरे पर जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में उनका नाम आया। जैसे ही प्रेस रिलीज आई, शशि थरूर ने स्वागत कर गर्व का इजहार किया। वहीं कांग्रेस को मिर्ची लग गई कि जो नाम दिए, उन्हें छोड़कर शशि थरूर को ले लिया गया। इस पर कांग्रेस नेता बवाल करने लगे। बाद में मोदी सरकार ने कांग्रेस की सूची से आनंद शर्मा को भी शामिल किया। रही सही कसर तब पूरी हो गई जब शशि थरूर ने ऐसी बात लिख डाली कि कांग्रेस में उनके सारे विरोधी परेशान हो उठें। थरूर ने लिखा, सितंबर, 2016 में पहली बार भारत ने एक आतंकी लांच पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक करने एलओसी को पार किया था... उससे पहले भारत ने ऐसा पहले कभी नहीं किया।
इस पोस्ट में शशि थरूर ने साफ किया था कि उन्हें किसी की परवाह भी नहीं है, हमेशा की तरह, आलोचकों और ट्रोल्स ने मेरे विचारों और शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, जिसका स्वागत है... सच में मेरे पास करने के लिए बेहतर काम हैं। अब कांग्रेस की ओर से थरूर पर लगातार हमला बोला जा रहा है। थरुर पर हमला करने के बहाने उदित राज को भी काम मिल गया है, वे शशि थरूर को बीजेपी का सुपर प्रवक्ता बता चुके हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अब थरूर की 2018 में आई किताब द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर का एक पेज शेयर करके उन्हें एक्सपोज करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बीजेपी समझ जाए कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में क्या सोच रखते हैं।
मुश्किल ये है कि पीएम मोदी को बुरा भला कहने वाले कपिल मिश्रा को वे दिल्ली सरकार में मंत्री बना सकते है, हिमंत बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री बना सकते है, तब शशि थरूर को राजनीतिक फायदे के लिए साथ क्यों नहीं ले सकती। कांग्रेस शायद ये नहीं समझ रही है कि थरूर उसके लिए कितने काम के हैं, यही वजह है कि शशि थरूर चुन चुन कर कांग्रेस से बदला ले रहे हैं, और अंदाज ऐसा है जैसे मजे ले रहे हों।

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