सुप्रीम कोर्ट की ईडी को फटकार- एजेंसी का इरादा आरोपियों को जेल में रखने का है
नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग केसों की जांच करने वाली ईडी को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी लोगों को जेल में रखना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में नाबालिगों, महिलाओं या बीमार लोगों को जमानत देने पर पीएमएलए के प्रावधानों के विपरीत ‘अनजाने’ में दलीलें रखने पर ईडी को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एजेंसी का इरादा आरोपियों को जेल में रखने का है। वह ऐसी बेतुकी दलीलों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद ईडी ने अपनी गलती मानी। ईडी की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने माना कि एक विधि अधिकारी ने दलील पेश करते समय गलती की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर आरोप गंभीर हैं तो नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने साफ कहा कि संवादहीनता का कोई सवाल ही नहीं है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी उस बात पर थी, जब ईडी की ओर से पेश एक विधि अधिकारी ने 19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि भले ही कोई व्यक्ति 16 साल से कम उम्र का हो, महिला हो, बीमार या कमजोर व्यक्ति हो, कड़ी शर्तें पीएमएलए उन पर लागू होगी। तब ईडी की ओर से पेश अधिकारी शशि बाला की जमानत याचिका का विरोध कर रहे थे। शशि बाला पर शाइन सिटी ग्रुप ऑफ कंपनीज स्कैम मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। वह पेशे से एक सरकारी शिक्षिका हैं।

पीएम सूर्य घर योजना से राजेंद्र कुमार साहू बने ऊर्जा आत्मनिर्भर
बाघ सप्ताह के अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पॉम पेंटिग प्रतियोगिता का आयोजन
सुशासन का ‘सेवा सेतु’: नेतानार के फूलसिंह और रामबती को आवेदन के दिन ही मिला विवाह प्रमाण पत्र
डिजिटल क्रांति से जगमगाया अबूझमाड़
बाहरी आडंबरों से अलग है दादाजी धूनीवाले धाम, जहां आध्यात्मिक शक्ति का होता है अनुभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से समय पर उपचार ने बचाई 4 वर्षीय मासूम की जान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से दिव्यांग समझराम साहू को मिली बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल
निशातपुरा रेलवे स्टेशन से भोपाल के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : मंत्री सारंग
जौहर यूनिवर्सिटी को राहत, ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक से टली कार्रवाई