“स्वास्थ्य, संस्कार और सकारात्मक सोच जीवन को बेहतर बनाते हैं”
डॉ. शिल्पी पाठक से आशीष नेमा की खास बातचीत
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग तनाव और बीमारियों से घिरे हुए हैं, वहीं भोपाल की डॉ. शिल्पी पाठक पिछले 18 वर्षों से होम्योपैथिक चिकित्सा और नेचुरोपैथी के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवन की राह दिखा रही हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे लोगों की काउंसलिंग भी करती हैं और सकारात्मक सोच का संदेश देती हैं। आइए जानते हैं उनके जीवन, अनुभव और विचारों के बारे में।
प्रश्न: अपने बारे में कुछ बताइए?
डॉ. शिल्पी पाठक:
मैं पिछले 18 वर्षों से होम्योपैथिक फिजिशियन और नेचुरोपैथिस्ट के रूप में कार्य कर रही हूं। मेरी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ्स को-एड स्कूल भोपाल से हुई और एलबीएस होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज भोपाल से मैंने चिकित्सा की पढ़ाई की। वर्तमान में मैं ऑनलाइन कंसल्टेशन भी देती हूं।
प्रश्न: चिकित्सा क्षेत्र को ही करियर के रूप में क्यों चुना?
डॉ. शिल्पी पाठक:
मुझे शुरू से ही लोगों की सेवा करना अच्छा लगता था। मैं चाहती थी कि मरीजों का इलाज प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से हो, इसलिए मैंने होम्योपैथी और नेचुरोपैथी को चुना। मरीजों को स्वस्थ देखकर जो संतुष्टि मिलती है, वही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है।
प्रश्न: आपकी रुचियां क्या-क्या हैं?
डॉ. शिल्पी पाठक:
मुझे मधुबनी ड्रॉइंग, फैशन डिजाइनिंग, फोटोग्राफी और संगीत सुनना बहुत पसंद है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों पर जाना और क्रिएटिव कार्य करना मुझे मानसिक शांति देता है।
प्रश्न: आपने कई धार्मिक यात्राएं भी की हैं, उसके बारे में बताइए?
डॉ. शिल्पी पाठक:
मैं चारधाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग और अमरनाथ यात्रा कर चुकी हूं। इन यात्राओं ने मुझे आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाया और जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने की प्रेरणा दी।
प्रश्न: आज की युवा पीढ़ी को क्या संदेश देना चाहेंगी?
डॉ. शिल्पी पाठक:
युवाओं को मैं यही कहना चाहूंगी कि पश्चिमी संस्कृति को पूरी तरह अपनाने के बजाय उसकी अच्छी बातों को ही अपनाएं। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझें और उनका सम्मान करें। प्रतिदिन कुछ समय भगवान के नाम जप और भक्ति के लिए जरूर निकालें। रिश्तों को महत्व दें और शराब, धूम्रपान जैसी बुरी आदतों से दूर रहें।
प्रश्न: लोग आपसे अपनी समस्याएं खुलकर साझा करते हैं, इसका क्या कारण मानती हैं?
डॉ. शिल्पी पाठक:
शायद इसलिए क्योंकि मैं लोगों की बातें ध्यान से सुनती हूं। कई लोग अपनी परेशानियां मुझसे साझा करते हैं और मैं उन्हें सही मार्गदर्शन देने की कोशिश करती हूं। मेरा मानना है कि किसी की बात सुन लेना भी एक बड़ी मदद होती है।
प्रश्न: समाज के लिए आपका संदेश?
डॉ. शिल्पी पाठक:
जितना हो सके लोगों की मदद करें। छोटी-छोटी मदद भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। सकारात्मक सोच और सेवा भाव से समाज बेहतर बनता है।

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